Benefits of drinking natural water from a matka and how chilled

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Benefits of drinking natural water from a matka and how chilled
MATKE KA PANI PINE KE FAYDE

Benefits of drinking natural water from a Matka and how chilled

आप में से कई लोगों ने नोट किया होगा कि जब हम कही बाहर गर्मी से आतें थें तो हमारी दादी माँ या घर के बुजुर्ग लोग कहतें थें कि “बेटा घड़े का पानी पियों”, जब तो हमें इसके फायदे का पता नहीं था लेकिन अब मालूम हुआ कि घड़े का पानी पिने से हमारे स्वास्थ्य को कितना लाभ मिलता हैBenefits of drinking natural water from a Matka and how chilled

मैं मानता हूँ की हम सबको समय के साथ-साथ चलना चाहिए ताकि हम इस आधुनिक युग में पीछे ना रह जाये। लेकिन हमें अपनी पुरानी जड़ों को भी नहीं भूलना चाहिए।  इसका एक उदहारण मैं आपको बताता हूँ कि अब हम सबने घड़ों का ठंडा पानी पीना बिल्कुल छोड़ दिया है, इसके बदले फ्रीज का या RO का पानी पीतें है जो घड़े की अपेक्षा कम शुद्ध और स्वादिष्ट होता है जिससे प्यास भी पूरी तरह नहीं बुझती है।

धड़ों का पानी कुदरती ठंडा होता है, उसी तापमान पर जिस तापमान पर पानी की ज़रुरत हमारे शरीर को होती है ।   

हम जब घर पर होते हैं तो freeze में से बोतल निकालकर ठंडा पानी पीते है और ठंडा पानी पीते समय हमें बहुत अच्छा लगता है लेकिन बाद में यह हमारी health को बहुत ज़्यादा नुकसान पहुँचाता हैं, क्योंकि बहुत ज़्यादा ठंडा पानी पीना जहर पीने के समान है। इसके लिए आप घड़े का यानी मटकें का पानी पिये तो बहुत ही ज़्यादा अच्छा है, इससे आपके स्वास्थ्य को लाभ भी मिलेगा।


अब आप सबके मन में एक प्रश्न होगा कि घड़े का पानी ठंडा क्यों रहता है ?

तो मैं आपको इसके ठंडें होने के बारें में बताता हूँ। मिट्टी का घड़ा जोकि पानी और मिट्टी के मिश्रण से बनता है, उस घडें की सतह पर बहुत ही बारीक़ छिद्र होतें है जोकि हमें नग्न आँखों से दिखाई नहीं देतें है और यदि देखना हो तो माइक्रोस्कोप की सहायता से ही देख सकतें है। इन छिद्रों में से पानी के कण गर्मी के रूप में ऊर्जा प्राप्त करते हैं, फिर गैस में बदलते हैं और हवा के साथ मिश्रित होकर ठन्डे पानी में बदल जातें हैं, वो भी कुदरती रूप में।


मटके का पानी पीने से होने वालें लाभ

मिट्टी के घड़े में पानी पिने का एक सबसे बड़ा प्राकृतिक गुण यह है कि मिट्टी पानी में से अत्यधिक अम्लीय गुणों को ख़त्म कर उसके PH VALUE को मेन्टेन करके रखता है, जिससे हमें पेट से सम्बंधित रोगों से लड़ने में सहायता मिलती है 

मटके के पानी से हमारे शरीर पर कोई हानि नही होती है

मटके का पानी हमारे शरीर में फुर्ती लाता है

यह भोजन पचाने में लाभ देता है

हमारे शरीर को भी कुदरती मिट्टी की ज़रूरत होती है जोकी मिट्टी के घड़े का पानी उसकी पूर्ति कर देता है

घड़ें का पानी ज़्यादा ठंडा होने पर भी वो ह्मारे शरीर को नुकसान नही पहुचाता है क्योंकि वो natural रूप से ठंडा होता है

मिट्टी के मटके में पानी रखने से मिट्टी में कुदरती पृथ्वी के सारे तत्त्व सम्मिलित होतें हैं जो हमारे शरीर में रोगों से लड़ने में  सहायक होतें हैं 

इससे आपके शरीर की पाचन क्षमता बड़ती है, मैं एक उदाहरण के साथ आपकों समझाता हूँ गर्मियों में वातावरण गर्म होने से हमारे शरीर का तापमान  बड़ता है और टेंपरेचर बड़ने से शरीर के अंदर पानी की मात्रा कम हो जाती  है और हमें बार-बार प्यास लगती है और जब हम बहुत ज़्यादा ठंडा पानी पितें है तो हमारे पेट की गर्मी का तापमान ज़ल्दी से नीचे गिरने लगता है जबकि हमारे शरीर का तापमान धीरेधीरे कम या बड़ना चाहिए क्योंकि हमारे शरीर की बनावट ही एसी है कि वो अचानक बड़ते या कम होते हुए तापमान को झेल नही सकता।

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Benefits of drinking natural water from a Matka and how chilled


फ्रीज़ के पानी पीने से होने वाले नुकसान।

फ्रीज़ का पानी पीने से प्यास पूरी तरह नही बुझती है और बार-बार प्यास लगती है।

पेशाब करने पर जलन होती है।

खाया हुआ भोजन नही पचता है ।

शरीर में पानी की जितनी ज़रूरत होती है, उससे कम पानी पिया जाता है।

फ्रीज़ का ठंडा पानी पीने से हमारे गले को नुकसान पहुचता है, जिससे गले की कोशिकाएँ सिकुड़ने लगती है और गला भी खराब होने लगता है

फ्रीज़ में हम प्लास्टिक की बोतल रखते है और लंबे समय तक उसका प्रयोग भी करते है, जोकि हमारे शरीर के लिए बहुत ज़्यादा नुकसानदेयक है क्योंकि कुछ समय बाद प्लास्टिक की बोतल में से उसके chemical पानी में घुल जातें है जो cancer  नामक रोग को बड़ावा देते हैं 

फ्रीज का पानी हमारे शरीर में सुस्ती लाता है

बच्चों के लिए तो बहुत ज़्यादा नुक़सानदायक है, विषेकर महिला के गर्भ मे पल रहे नवजात शिशु के लिए


मटकें का पानी पीने के लिए और उसे लंबे समय तक ठंडा बनाये रखने के लिए निम्न बातों का ध्यान देना ज़रूरी है

अब आपके मन में एक सवाल उठ रहा होगा कि कौन-सा मटका खरीदें और कौन-सा नही इसके लिए आप जब मिट्टी का मटका खरीदें तो ध्यान दें की वो पक्की मिट्टी का बना हो और कही से टूटा व दबा हुआ ना हो और यह भी ध्यान दें की उसकी परत यानी मोटाई ज़्यादा हो।

पक्की मिट्टी के मटके को चेक करने के लिए उसकी बाहर की सतह पर हाथ से थोड़ा बजा कर देखें, यदि आवाज़ सख़्त है तो वो पक्की मिट्टी का है और यदि आवाज़ दबी हुई है तो कच्ची मिट्टी का बना हुआ है

घर ले जाने के बाद मटके को सामान्य पानी से धोकर भिगो लें।

लंबे समय तक मटकें का पानी ठंडा रखने के लिए पानी से सूती तोलिये या कपड़े को भिगोकर मटके के चारों ओर लपेटें और उसके बाद घड़े में पानी डालें।     

मटके को किसी एसी जगह रखें जहाँ छाया हो और सूरज की रोशनी उसपर ना पड़े।

समय-समय पर मटकें की सफाई भी करें।

मिट्टी का घड़ा आज से नहीं बल्कि हजारों या यूं कहूं जब से मनुष्य का विकास हुआ है तब से घड़े का प्रयोग हो रहा है।Benefits of drinking natural water from a Matka and how chilled

दोस्तों आप भी अब देर ना करें और अपने घर पानी पिने के लिए मिट्टी का घड़ा या सुराई का प्रयोग करें और फिर देखना इससे होने वाले फायदें।   

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प्रकाश चाँद जोशी

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