Best Thought In Hindi जीवन में विचारों  की उपयोगिता

यदि आपके पास विचारों का भण्डार है और उसे आप अपने मस्तिष्क में कैद करके रखेंगें तो एक ना एक दिन वह विचार आपके मस्तिष्क से गायब हो जायेंगें। इसलिए जैसे भी हो विचारों की किसी डायरी में जरूर लिख लें। Best Thought In Hindi जीवन में विचारों  की उपयोगिता

रोज आप अपनी डायरी में अपने ideas और नई-नई खोज को उतारें, इससे यह फायदा होगा कि आपका दिमाग हमेशा नए विचारों को ग्रहण करने के लिए तैयार रहेगा।

आप अपने मस्तिष्क को कभी भी एक लाइब्रेरी की तरह ना समझे कि यह आपके लिए किसी भी बात या topic को ढूंढने के लिए पुस्तकालय का काम करेगा, बल्कि इसका कार्यक्षेत्र तो बहुत बड़ा है।

इसका प्रयोग अपने उधेश्य की रूपरेखा बनाने, उसे संगठित, लागू और नियंत्रित करने में करें ताकि आप अपने जीवन में सफल हो।

कई महान मनोवैज्ञानिक भी यह बात स्वीकार कर चुके हैं कि बेकार की बातों को सोचने से अच्छा है कि अपने विचार को डायरी में लिख लें।

जैसा विचार हम करते हैं वैसा  विचार हमारे दिमाग में आता है, उसी के अनुरूप ही हमारे मस्तिष्क में उसकी छवी बनती है।


लगातार बुरे विचार सोचने से हमारे शरीर में रोग का बड़ना

कई आधुनिक शोध के बाद यह बात साबित हो गई है कि जब हम लगातार बुरे विचार करते रहते हैं तो यह हमारे शरीर में एक कम्पन पैदा करता है।

जिससे क्रोध आता है और क्रोध से हमारे शरीर और दिमाग में blood तेजी से दोड़ता है।

तेज blood की गति से एक अग्नि पैदा होती है जो body में skin और blood के रोगों को आमंत्रित करती है।

इस प्रकार जो blood दूषित हो जाता है, वह हमारी पेट की पाचनक्रिया को भी प्रभावित करता है जिससे पेट में अनेक रोग उत्पन्न होते हैं।

पेट की बिमारी से चहरे की रौनक भी गायब हो जाती हैं।

आप सब लोग जानते भी हैं कि जिसका पेट अच्छा उसका स्वास्थ्य अच्छा।

डॉक्टर मेकार्थे “अच्छे विचार शरीर को पवित्र और क्रियाशील बनाते हैं। इसके कारण हम स्वस्थ और सुखी रहते हैं।

आपने society में देखा भी होगा कि “यदि व्यक्ति का स्वभाव रुखा और नकारात्मक है तो उसे कभी-भी सफलता नहीं मिलती है, भले ही उसके पास एक-से-बड़कर योग्यता क्यों ना हो?”

इसलिए हमेशा अपना स्वभाव मिलनसार और positive thought के साथ रखें।

इसके अलावा यह ध्यान दें कि कभी अपने आप से ये ना कहें कि मैं यह काम नहीं कर सकता हूँ, इसे करने के लिए मेरे पास पैसे नहीं हैं।

यदि आप बार-बार इसे repaet करेंगें तो आपका मस्तिष्क भी ऐसे नकारात्मक विचारों को ग्रहण करने का आदि हो जाएगा।




मस्तिष्क की दो अवस्था

हमारे दिमाग की दो अवस्था है, चेतन मन और अवचेतन मन।

चेतन मन किसी बात के गलत और सही होने पर आपसे सवाल करता है और गलत होने पर आपको आगाह करता है।

जबकि अवचेतन मन जहाँ तक जा सकता है जाता है, कल्पनाएँ करता हैं, स्वप्न देखता हैं। उसमें सही और गलत करने की योग्यता नहीं होती हैं।

चेतन मन गलत और दूसरों से अवचेतन मन की रक्षा करता हैं।

Best Thought In Hindi हमारे जीवन में विचारों की उपयोगिता

विचार का हमारे जीवन में बहुत बड़ा योगदान

विचार करना और उसपर नियंत्रण करना, इंसान के वश में है। अपनी प्रबल ईच्छाओं के द्वारा व्यक्ति अपने लक्ष्य को प्राप्त करता है।

विचार ही तो व्यक्ति को आगे बड़ने की प्रेरणा देतें हैं और उसकी सफलता में सहायक होते हैं।

विचार की योग्यता समझने के लिए एक true घटना  के बारे में आगे पढ़ें

एक बार भिवेश को बेंगलोर से बांदीपुर जाना था। इन्होने रकम तय करेक taxi book करी और उसे लेकर बांदीपुर के लिए रवाना हो गया।

रास्ते में घना जंगल था और ड्राईवर ने भिवेश को कहा “मैं अब आगे नहीं जाउंगा।

क्यों भाई?

बस नहीं जाउंगा।

अरे भाई! बात क्या है?

पैसे बड़ाकर दो।

जो तय हुआ था उसपर ही तो जाओगे?

नहीं आगे रास्ता खराब है और घना जंगल भी है, मैं पैसे बड़ाने पर ही जाउंगा।“

कितने?

डेड़ गुना ज्यादा।

इतना कहने पर दोनों में बहुत देर तक बहस होने लगी और अंत में भिवेश ने taxi ड्राईवर से कहा “मैं तुझे एक भी पैसा ज्यादा नहीं दुंगा, तू वापस जा।

taxi ड्राईवर वापस चला गया।

भिवेश पेदल ही चलकर आये और रास्ते में एक विचार इनके मन में आया कि इन taxi ड्राईवर के मनमाने rate, इनपर control और बहुत सिमित travel सर्विस इसको सुधारने के लिए एक बहुत बड़ी opportunity है।

तभी इन्होने travel agency का काम बंद करके ola का काम चालू किया।

इस काम में इनके साथी थे अंकित भाटी जिन्होंने coding कर करके ola के software को automation किया।   

आज के दौर में 55 से 60% के बीच में ola का शेयर हैं और 5.7  billions  (570  करोड़)  तक इनकी value बड़ गई है और यह सब हुआ कैसे एक idea और विचार से और उसके बाद पुरी मेहनत और लगन से।  

यह सब किया IIT मुम्बई के दो लड़को अंकित भाटी और भिवेश अग्रवाल ने जिन्होंने अपना Business चालू करने की मन में ठानी की हम करेंगें और करके रहेंगें।


कोई भी व्यक्ति अपने विचारों के बदलाव के बिना उन्नति नहीं कर सकता है।

जैसे आपने देखा होगा कि अधिकतर लोग सफल ना होने पर अपनी life से शिकायत करते-करते, पूरा जीवन निकाल देते हैं।

क्योंकि वह negativity के जाल में बुरी तरह घिर चुके  होते हैं और यह उसकी negative thought की वजह से होता है।

इस संसार में ऐसे अनगिनत व्यक्ति हैं जो सोचते तो बहुत है, लेकिन कुछ कर नही पाते हैं।

बार- बार जो वह करने का ईरादा करते है, उससे  भटक कर गलत रास्ता पकड़ लेते हैं और अपने लक्ष्य से बहुत दूर हो जाते हैं।

इसलिए व्यक्ति को अपने उद्देश्य से कभी भी नहीं भटकंना चाहिए। चाहे वह लक्ष्य देश सेवा का हो या बिज़नेस में सफल होने का।

उदाहरण के लिए लाल बहादुर शास्त्री जी ने अपने पुरे जीवन में प्रण किया था, चाहे कितनी भी विपत्तियाँ  आये वह पूरी ईमानदारी, सादगी  और सच्चाई से अपने जीवन में कार्य करेंगें और कभी भी अपने लक्ष्य से नहीं भटकेंगें।

एक बार जब वह देश के प्रधानमंत्री बने तो उनके कार्यालय और घर पर गर्मी से बचाव के लिए कूलर लगा दिए थें।

जिसका उन्होंने विरोध किया और बिना कूलर के गर्मी में रहे।

देश में जब अनाज की कमी होने लगी तो प्रत्येक सोमवार को व्रत करना शुरू किया और देश के सब लोगों ने भी व्रत करना आरंभ का दिया। 




कुछ नियम हैं जिनका अनुसरण हम सबको करना चाहिए:-

रोजाना एक विचार को board  पर लिखें और उसे display  ताकि उसपर आपकी नजर पढ़ती रहे 

सबसे पहले लक्ष्य प्राप्ति के लिए एक विचार अपने मन में लायें।

कठिन परिश्रम और लगन ही आपको सफलता की और ले जाता है।

सफल जीवन जीने के लिए सदैव सफल आदर्श, अच्छे विचार और श्रेष्ठ भावनाओं का चयन करें।

विचारों को बार- बार चिंतन-मनन करें।

विचारों के द्वारा ही हमारे जीवन की गाड़ी चलती रहती हैं।

विचारों से आत्मा की शुद्धी होती है।     

अच्छे विचार के लिए अच्छी-अच्छी books पढ़े

अपने दिमाग में बेमतलब गलत बातों का भण्डार ना करें  

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सकारात्मक सोच के साथ अच्छे दिन की शुरूआत करें 

ईरादा पक्का हो तो कोई भी काम असंम्भव नहीं 

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आपका शुभचिंतक

प्रकाश चंद जोशी

hamaarijeet.com      

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